उदार

Udaara

Udāra · IAST

उदार और महान् हृदयवाला।

बालकवृषभ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 7.18

    उदाराः सर्व एवैते ज्ञानी त्वात्मैव मे मतम् । आस्थितः स हि युक्तात्मा मामेवानुत्तमां गतिम् ॥

    udārāḥ sarva evaite jñānī tv ātmaiva me matam | āsthitaḥ sa hi yuktātmā mām evānuttamāṃ gatim ||

    ये सभी भक्त उदार हैं, पर ज्ञानी को तो मैं अपना ही स्वरूप मानता हूँ; वह स्थिरचित्त भक्त मुझमें जुड़कर मुझ परम लक्ष्य को ही प्राप्त करता है।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/udara · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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