वासुकि

Vaasuki

Vāsuki · IAST

नागों का राजा, जो देवताओं की सेवा करते हैं।

बालकवृषभ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 10.28

    आयुधानामहं वज्रं धेनूनामस्मि कामधुक् । प्रजनश्चास्मि कन्दर्पः सर्पाणामस्मि वासुकिः ॥

    āyudhānām ahaṁ vajraṁ dhenūnām asmi kāmadhuk । prajanaś cāsmi kandarpaḥ sarpāṇām asmi vāsukiḥ ॥

    शस्त्रों में मैं वज्र हूँ और गौओं में मनोकामना पूर्ण करने वाली कामधेनु हूँ। मैं सन्तान उत्पन्न करने वाला कन्दर्प हूँ और सर्पों में वासुकि हूँ।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/vasuki · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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