विधा / विधी

Vidhaa / Vidhee

Vidhā / Vidhī · IAST

रूप, प्रकार, विधि; जैसे चतुर्विधा — चार प्रकार के भक्त।

बालिकावृषभ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 7.16

    चतुर्विधा भजन्ते मां जनाः सुकृतिनोऽर्जुन । आर्तो जिज्ञासुरर्थार्थी ज्ञानी च भरतर्षभ ॥

    caturvidhā bhajante māṁ janāḥ sukṛtino 'rjuna | ārto jijñāsur arthārthī jñānī ca bharatarṣabha ||

    हे अर्जुन, चार प्रकार के पुण्यशील लोग मेरी भक्ति करते हैं: दुःखी, जिज्ञासु, धन या लाभ चाहने वाला, और ज्ञानी। [श्रीकृष्ण अर्जुन से]

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/vidha · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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