विवस्वत / विवस्वान
Vivasvat / Vivasvaan
Vivasvat / Vivasvān · IAST
तेजस्वी सूर्यदेव, प्रकाशमान।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
व्युत्पत्ति · व्युत्पत्ति
विवस्वत् = हलन्त-लोप → विवस्वत
रूप विवस्वत् अन्त में हलन्त सहित लिखा जाता है (व्याकरणिक/उद्धरण वर्तनी); नाम रूप में अन्त्य हलन्त हटाकर विवस्वत लिखा जाता है, और अङ्ग्रेजी में अन्त्य अकार अनुच्चारित रहता है।
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 4.1
इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम् । विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत् ॥
imaṃ vivasvate yogaṃ proktavān aham avyayam | vivasvān manave prāha manur ikṣvākave 'bravīt ||
मैंने यह अविनाशी योग सूर्यदेव विवस्वान् को सिखाया; उन्होंने इसे मनु को दिया, और मनु ने इक्ष्वाकु को।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/vivasvat · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता