यति
Yati
Yati · IAST
संयमी ऋषि; जिसने मन को वश में किया हो।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 5.26
कामक्रोधवियुक्तानां यतीनां यतचेतसाम् । अभितो ब्रह्मनिर्वाणं वर्तते विदितात्मनाम् ॥
kāmakrodhaviyuktānāṃ yatīnāṃ yatacetasām | abhito brahmanirvāṇaṃ vartate viditātmanām ||
जो काम और क्रोध से मुक्त हैं, जिनका मन वश में है और जिन्होंने अपने सच्चे स्वरूप को जान लिया है, उन्हें सब ओर से ब्रह्म की परम शान्ति प्राप्त रहती है।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/yati · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता