यात्रा

Yaatraa

Yātrā · IAST

यात्रा; किसी पवित्र स्थान की ओर तीर्थयात्रा।

बालिकावृश्चिक1 शास्त्रीय सन्दर्भ

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 3.8

    नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः । शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्ध्येदकर्मणः ॥

    niyataṃ kuru karma tvaṃ karma jyāyo hy akarmaṇaḥ . śarīra-yātrāpi ca te na prasiddhyed akarmaṇaḥ ..

    जो काम तुम्हारा कर्तव्य है, उसे करो; काम न करने से करना श्रेष्ठ है। कर्म के बिना तो तुम्हारा शरीर भी नहीं चल सकता।

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/yatra · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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