अदिति
Aditi
Aditi · IAST
अनन्त चेतना, सभी देवताओं की माता, अखण्ड या अविभाज्य।
व्युत्पत्ति · व्युत्पत्ति
अदिति = अ (निषेध) + दिति (विभाजन / द्वैत; मूल 'दि' से, जो विभाजित करने या अलग करने का अर्थ रखता है)
अ + दिति — उपसर्ग 'अ' निषेध है, और 'दिति' का अर्थ है विभाजन या द्वैत (यह 'दि' मूल से है, जिसका अर्थ है विभाजित करना या अलग करना)। शाब्दिक अर्थ है अखण्ड या अविभाज्य। महर्षि अरविन्द उन्हें इस प्रकार परिभाषित करते हैं — 'अदिति मूलतः अनन्त सत्ता की शुद्ध चेतना हैं — एक और स्वयं-प्रकाशित; वे ही प्रकाश हैं जो सब वस्तुओं की माता हैं।' अधिक सन्दर्भ के लिए राजीव मल्होत्रा की Being Different (अध्याय 5) और श्री अरविन्द की The Secret of the Veda (ग्रन्थावली खण्ड 15, पृ. 475)।
शास्त्रीय सन्दर्भ
ऋग्वेद · 1.89.10
अदितिर्द्यौरदितिरन्तरिक्षमदितिर्माता स पिता स पुत्रः।
aditirdyauraditirantarikṣamaditirmātā sa pitā sa putraḥ |
अदिति आकाश हैं, अदिति अन्तरिक्ष हैं; अदिति माता हैं, वे पिता हैं, और पुत्र भी हैं।
श्री अरविन्द ग्रन्थावली · Vol 15, p. 475
श्री अरविन्द की 'The Secret of the Veda' में परिभाषा — 'अदिति मूलतः अनन्त सत्ता की शुद्ध चेतना हैं, एक और स्वयं-प्रकाशित; वे ही प्रकाश हैं जो सब वस्तुओं की माता हैं।'
सम्बन्धित नाम
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/aditi · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — ऋग्वेद, श्री अरविन्द ग्रन्थावली