ब्रह्म

Brahma

Brahma · IAST

परम तत्त्व; वह एक अनन्त सत्ता जो सब कुछ का मूल है।

बालकवृषभ1 शास्त्रीय सन्दर्भ

व्युत्पत्ति · व्युत्पत्ति

ब्रह्मन् = नपुंसक प्रथमा → ब्रह्म

ब्रह्म, ब्रह्मन् प्रातिपदिक का नपुंसकलिङ्ग प्रथमा एकवचन है — निर्गुण परम तत्त्व। इसी प्रातिपदिक का पुल्लिङ्ग रूप ब्रह्मा (सृष्टिकर्ता देव) है, जो भिन्न नाम है। नपुंसक ब्रह्म और पुल्लिङ्ग ब्रह्मा को कभी एक नहीं मानना चाहिए।

शास्त्रीय सन्दर्भ

  • भगवद् गीता · 5.19

    इहैव तैर्जितः सर्गो येषां साम्ये स्थितं मनः । निर्दोषं हि समं ब्रह्म तस्माद्ब्रह्मणि ते स्थिताः ॥

    ihaiva tair jitaḥ sargo yeṣāṁ sāmye sthitaṁ manaḥ | nirdoṣaṁ hi samaṁ brahma tasmād brahmaṇi te sthitāḥ ||

    इसी जीवन में जिनका मन समता में टिका है, उन्होंने जन्म-मरण को जीत लिया; ब्रह्म निर्दोष और सबमें समान है, इसलिए वे ब्रह्म में स्थित हैं। (श्रीकृष्ण समभाव की महिमा बता रहे हैं)

स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/brahma · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता

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