गन्धमादन
Gandhamaadana
Gandhamādana · IAST
राम जी के सेनापति; एक पर्वत जहाँ पाण्डवों ने अपने गुरु के साथ तपस्या की।
शास्त्रीय सन्दर्भ
वाल्मीकि रामायण · Yuddha Kāṇḍa 6.4.14
गन्धहस्तीव दुर्धर्षस्तरस्वी गन्धमादनः। यातु वानरवाहिन्याः सव्यं पार्श्वमधिष्ठितः॥
gandhahastīva durdharṣastarasvī gandhamādanaḥ | yātu vānaravāhinyāḥ savyaṁ pārśvamadhiṣṭhitaḥ ||
दुर्धर्ष और तेजस्वी, मदमस्त हाथी के समान गन्धमादन — वानर सेना के बाएँ पार्श्व का अधिष्ठान करें।
महाभारत · Āraṇyaka Parva 3.141.22
तपसा शक्यते गन्तुं पर्वतो गन्धमादनः। तपसा चैव कौन्तेय सर्वे योक्ष्यामहे वयम्॥
tapasā śakyate gantuṁ parvato gandhamādanaḥ | tapasā caiva kaunteya sarve yokṣyāmahe vayam ||
लोमश ऋषि बोले — 'हे कुन्तीनन्दन, गन्धमादन पर्वत तक केवल तपस्या से ही जाया जा सकता है — इसलिए हम सब तपस्या करेंगे।'
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/gandhamadana · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — वाल्मीकि रामायण, महाभारत