जाम्बवान
Jaambavaan
Jāmbavān · IAST
रामायण के बुद्धिमान् ऋक्षराज जाम्बवान्; धैर्य, बुद्धि और स्वामिभक्ति का नाम।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
व्युत्पत्ति · व्युत्पत्ति
जाम्बवान् = हलन्त-लोप → जाम्बवान
रूप जाम्बवान् अन्त में हलन्त सहित लिखा जाता है (व्याकरणिक/उद्धरण वर्तनी); नाम रूप में अन्त्य हलन्त हटाकर जाम्बवान लिखा जाता है, और अङ्ग्रेजी में अन्त्य अकार अनुच्चारित रहता है।
शास्त्रीय सन्दर्भ
रामरक्षास्तोत्र
करौ सीतापतिः पातु हृदयं जामदग्न्यजित् । मध्यं पातु खरध्वंसी नाभिं जाम्बवदाश्रयः
karau sītāpatiḥ pātu hṛdayaṃ jāmadagnyajit | madhyaṃ pātu kharadhvaṃsī nābhiṃ jāmbavadāśrayaḥ
सीतापति (राम) मेरे हाथों की रक्षा करें और परशुराम को जीतने वाले हृदय की; खर का वध करने वाले मध्यभाग की और जाम्बवान् के आश्रयदाता नाभि की रक्षा करें।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/jambavan · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — रामरक्षास्तोत्र