नभस
Nabhas
Nabhas · IAST
आकाश, विशाल खुला गगन।
बालक1 शास्त्रीय सन्दर्भ
व्युत्पत्ति · व्युत्पत्ति
नभस् = हलन्त-लोप → नभस
मूल शब्द नभस् हलन्त सहित (प्रातिपदिक) है; नाम रूप में हलन्त हटाकर नभस लिखा जाता है, और अन्त का अकार अनुच्चारित होने से अङ्ग्रेजी में “Nabhas” होता है।
शास्त्रीय सन्दर्भ
भगवद् गीता · 11.24
नभःस्पृशं दीप्तमनेकवर्णं व्यात्ताननं दीप्तविशालनेत्रम् । दृष्ट्वा हि त्वां प्रव्यथितान्तरात्मा धृतिं न विन्दामि शमं च विष्णो ॥
nabhaḥspṛśaṃ dīptam anekavarṇaṃ vyāttānanaṃ dīptaviśālanetram | dṛṣṭvā hi tvāṃ pravyathitāntarātmā dhṛtiṃ na vindāmi śamaṃ ca viṣṇo ||
आकाश को छूते हुए, अनेक रङ्गों से दीप्त, खुले मुखों और विशाल जाज्वल्यमान नेत्रों वाले आपको देखकर मेरा अन्तरात्मा काँप उठता है। हे विष्णु, मुझे न धैर्य मिलता है, न शान्ति।
स्रोत: akshara-pravaaha.com/naamaavali/nabhas · CC BY-SA 4.0 · सन्दर्भ — भगवद् गीता